उत्तराखंड

1575 ग्राम पंचायतों में विकसित होंगी पंचवटी वाटिकाएं, हरियाली को मिलेगा बढ़ावा

पर्यावरण संरक्षण, हरियाली विस्तार और पारंपरिक वृक्ष संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायतों में अब पंचवटी वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। प्रथम चरण में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर जिलों की 1575 ग्राम पंचायतों में 15 अगस्त तक एक-एक पंचवटी वाटिका स्थापित की जाएगी। इनमें भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखने वाली पांच वृक्ष प्रजातियों पीपल, बरगद, अशोक, बेल व आंवला के पौधे रोपित किए जाएंगे।

पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने इस सिलसिले में संबंधित जिला पंचायती राज अधिकारियों (डीपीआरओ) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Auto Inserted Image
      

न्यूनतम 2500 वर्ग फीट भूमि हाेगी चिन्हित

प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचवटी वाटिका को न्यूनतम 2500 वर्ग फीट भूमि चिहि्नत की जाएगी। निर्देश दिए गए हैं कि वाटिकाओं में पौधारोपण को निर्धारित दिशा एवं वैज्ञानिक दूरी के अनुसार लगाया जाए, ताकि भविष्य में पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को पर्याप्त विस्तार और छाया क्षेत्र मिल सके।

सुरक्षा और देखभाल पर विशेष जोर

पौधारोपण से पहले भूमि समतलीकरण, गड्ढा खोदाई और जैविक खाद का उपयोग किया जाएगा। पौधों की सुरक्षा को ट्री-गार्ड या फेंसिंग की व्यवस्था की जाएगी। नियमित सिंचाई और वर्षा ऋतु के बाद भी पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रत्येक पंचवटी वाटिका में सूचना पट्ट लगेगा, जिसमें वृक्षों के नाम और स्थापना तिथि दर्ज होगी। वन और उद्यान विभाग की नर्सरियों से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

ग्राम प्रधान और वीडीओ होंगे जिम्मेदार

वाटिकाओं के संरक्षण की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीडीओ) की होगी। पौधारोपण से पहले और बाद की फोटोग्राफी के साथ जियो टैग्ड फोटो सुरक्षित रखे जाएंगे। खंड विकास अधिकारी समय-समय पर वाटिकाओं का निरीक्षण करेंगे।

जिलेवार ग्राम पंचायतेंं-जिला-संख्या

नैनीताल, 475

देहरादून, 409

ऊधम सिंह नगर, 373

हरिद्वार, 318

गांवों में हरियाली बढ़ाने और भारतीय संस्कृति में पूजनीय वृक्षों के संरक्षण के दृष्टिगत पंचवटी वाटिकाएं स्थापित करने का निश्चय किया गया है। ये वाटिकाएं आने वाले वर्षों में ग्राम पंचायतों की पहचान और पर्यावरण संरक्षण का केंद्र बनेंगी। धीरे-धीरे इस मुहिम को विस्तार दिया जाएगा।’

डॉ. पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव, पंचायती राज

 

 

Related Articles

Back to top button