उत्तराखंड

जनसुनवाई में डीएम ने सुनीं 38 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश,भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, गड्ढामुक्त सड़कें सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे…

बागेश्वर, 1 जून, 2026 जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जन-सुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित जनसमस्याओं एवं शिकायतों की सुनवाई की गई। जनसुनवाई में कुल 38 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित करते हुए अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

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जन-सुनवाई में सर्वाधिक शिकायतें आपदा, पेंशन, विद्युत, पेयजल, राजस्व एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों की प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समयावधि में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल पत्राचार करना ही उनका दायित्व नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि संबंधित कार्य धरातल पर पूर्ण हो और आमजन को उसका वास्तविक लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए तथा आवश्यक मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

जिलाधिकारी ने सभी अभियंत्रण सेवा विभागों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जाये तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों का सीधा संबंध जनसुविधाओं एवं सार्वजनिक हित से है, उनकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप किया जाए, ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।

बैठक में विद्यालयी बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालयों का सर्वे कराया जाए, जहां छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने के लिए पुलियों, झूलापुलों अथवा अन्य संवेदनशील मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

नगर क्षेत्र में बढ़ती बंदर समस्या पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका को वन विभाग के समन्वय से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा जनजागरूकता एवं नियंत्रण अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी। यदि किसी शिकायत की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भी विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कम कॉलिंग प्रतिशत वाले विभागों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क की दर 70 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। सभी विभाग शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान दें।

जन-सुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी आर. सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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